चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद अंतर्गत चकरघट्टा थाना क्षेत्र में वन विभाग की एकतरफा कार्रवाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया है। मझगाई रेंज के अंतर्गत आने वाले एक विवादित भूखंड पर जब वन विभाग की टीम ट्रैक्टरों के जरिए हो रही खेत की जुताई को रोकने पहुंची, तो वहां मौजूद किसान और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि वन विभाग बिना किसी राजस्व सीमांकन या पैमाइश के उनकी निजी कृषि भूमि पर अवैध रूप से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहा है। इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दो ट्रैक्टर जब्त करने पर भड़के किसान, पीछे हटी वन टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए खेत की जुताई कर रहे ग्रामीणों के दो ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में ले लिया था। ट्रैक्टरों को सीज किए जाने की खबर जैसे ही आसपास के मजरों और गांवों में फैली, देखते ही देखते दर्जनों की संख्या में ग्रामीण और किसान लामबंद होकर मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने वन कर्मियों को चारों तरफ से घेरकर उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों के इस अप्रत्याशित और उग्र तेवर को देखते हुए वन विभाग की टीम को मजबूरन बैकफुट पर आना पड़ा और उन्होंने कार्रवाई को बीच में ही रोक दिया।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, वन भूमि और निजी जमीन विवाद की जांच शुरू
घटनास्थल पर बढ़ते तनाव और बवाल की सूचना पाकर चकरघट्टा थाने की पुलिस फोर्स तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए उत्तेजित ग्रामीणों और किसानों को शांत कराया। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों से भी वार्ता कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही मामला पूरी तरह शांत हो सका। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त विवादित भूमि की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित आराजी नंबर वन भूमि के दायरे में आता है या ग्रामीणों की निजी मिल्कियत है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।