पीलीभीत। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत बरखेड़ा चीनी मिल क्षेत्र के ग्राम भैसहा ग्वालपुर में एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से गन्ने की खेती करने के गुण सिखाए। उन्होंने बताया कि बसंतकालीन गन्ने की बुवाई के साथ उर्द एवं मूंग की सहफसली खेती अपनाना किसानों के लिए दोहरा लाभ का सौदा है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और संरचना में भी वैज्ञानिक सुधार होता है। उन्होंने विशेष रूप से जानकारी दी कि बसंत कालीन बुवाई हेतु कृषि विभाग द्वारा उर्द एवं मूंग का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला गन्ना अधिकारी ने डिजिटल तकनीक पर जोर देते हुए बताया कि अब किसान भाई घर बैठे अपने मोबाइल के माध्यम से पोर्टल पर उन्नत गन्ना किस्मों और बीज की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बेहतर पैदावार और चीनी रिकवरी के लिए केवल नवीनतम विकसित किस्मों की ही बुवाई करें। किसानों की सुविधा के लिए बीज उत्पादकों और पौधशाला धारकों की सूची सभी गन्ना विकास समितियों, खाद गोदामों और चीनी मिलों पर चस्पा कर दी गई है, ताकि प्रमाणित बीज प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो।

गोष्ठी के दौरान बरखेड़ा चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक राहुल लोहान ने पेड़ी प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेड़ी गन्ने से अधिक उपज लेने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त उर्वरक का प्रयोग, स्टबल शेविंग (ठूंठ कटाई) और समय पर निराई-गुड़ाई अनिवार्य है। उन्होंने किसानों को बुवाई से पूर्व मिट्टी परीक्षण कराने की सलाह दी ताकि संतुलित खाद का उपयोग कर लागत कम की जा सके। इस अवसर पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मनोज साहू, सचिव राजेश कुमार, गन्ना प्रबंधक गौरव तोमर सहित क्षेत्र के प्रगतिशील किसान राम बहादुर, वेद प्रकाश और सूरज पाल सहित सैकड़ों कृषक मौजूद रहे।
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