​पीलीभीत। ईको क्लब एस. एन. इंटर कॉलेज एवं सेव इन्वायर्मेंट सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संरक्षण (बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन) विषय पर एक विशेष गोष्ठी व प्रेरणादायी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की छात्राओं राखी, बबली एवं सुनीली द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुआ। इसके उपरांत छात्राओं दिलकश एवं फायेका शमसी ने जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत कर सभी को प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पी. पी. सिंह (आई.एफ.एस.), जोनल चीफ / मुख्य वन संरक्षक, रूहेलखण्ड जोन एवं एफ.डी – पीटीआर रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मनीष सिंह (डीएफओ – पीटीआर) एवं भरत कुमार डी. के. (डीएफओ -वन एवं वन्य जीव प्रभाग) उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।


​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पी. पी. सिंह ने ईको क्लब के विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए जैव विविधता के संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पौधों को केवल रोपना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने अपने भारतीय वन सेवा में शामिल होने के संबंध में एक रोचक प्रसंग भी साझा किया और विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनधिकारी मनीष सिंह एवं वन एवं वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक भरत कुमार डी. के. ने भी गोष्ठी को सम्बोधित किया और उपस्थित जनसमूह व विद्यार्थियों को जैव विविधता बचाने व प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।


​कार्यक्रम के संयोजक, पर्यावरण चिन्तक एवं कॉलेज के प्रबंधक टी. एच. खान ने क्षेत्र की गंभीर पारिस्थितिक समस्याओं को वनाधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखा। उन्होंने शारदा नदी से हो रहे जंगल के कटान और माला नदी की साइड में जंगल में बड़े पैमाने पर हो रहे जल भराव की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही, उन्होंने वन्यजीवों की शांति और सुरक्षा के दृष्टिगत कोर एरिया (कोर क्षेत्र) से ईको-टूरिज्म (पारिस्थितिकी पर्यटन) को हटाकर उसे बफर जोन में स्थानान्तरित करने का विशेष अनुरोध किया। जैव विविधता संरक्षण समिति के सचिव डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संतुलन तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति सक्रिय सहभागिता निभाने की प्रेरणा दी।


​इस गोष्ठी का कुशल संचालन कॉलेज के प्रबंधक व सेव इन्वायर्मेंट सोसायटी के सचिव टी. एच. खान ने किया। कार्यक्रम में ईको क्लब के 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों और गणमान्य नागरिकों ने आंवला, अमरूद और जामुन के फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से भदौरिया (प्रभारी, विकलांग पुनर्वास केन्द्र), अशोक शर्मा उपाध्यक्ष, सेव इन्वायर्मेंट सोसायटी व जैव विविधता संरक्षण), लक्ष्मी कान्त शर्मा (विज्ञान को-ऑर्डिनेटर एवं अध्यक्ष, विपनेट क्लब), शोभा वर्मा (प्रधानाचार्य), डॉ. जावेद अहमद (प्रधानाचार्य), रश्मि यादव (जिला मन्त्री), ताहिद अंसारी (ईको क्लब प्रभारी, मीरपुर), यासीन खान (ईको क्लब प्रभारी), इन्तजार खान, समीना मलिक (ऑर्गेनाइजर, मदद फाउंडेशन ट्रस्ट) सहित कॉलेज का समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी वर्ग उपस्थित रहा।

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