लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बिजली बिलिंग प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने घोषणा की है कि राज्य में आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को अब पोस्टपेड मोड में संचालित किया जाएगा। अब उपभोक्ताओं को बिजली का उपयोग करने से पहले एडवांस रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे खपत के बाद बिल का भुगतान करेंगे।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए लिया गया फैसला

पिछले कुछ समय से स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में तकनीकी खामियों और अचानक बिजली कटने की शिकायतों को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी थी। सरकार ने जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रीपेड व्यवस्था को खत्म करने का निर्णय लिया है। अब बिजली इस्तेमाल के बाद उपभोक्ताओं को महीने के अंत में बिल जारी किया जाएगा।

SMS और WhatsApp पर मिलेगा बिल

ऊर्जा मंत्री ने नई व्यवस्था की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया:

  • डिजिटल बिलिंग: बिजली बिल हर महीने की 10 तारीख तक उपभोक्ताओं के मोबाइल पर एसएमएस (SMS) और व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से भेज दिए जाएंगे।
  • 1912 की मदद: जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं है, वे 1912 हेल्पलाइन या बिजली विभाग के व्हाट्सएप चैटबॉट के जरिए अपना बिल देख सकेंगे।
  • जागरूकता अभियान: मोबाइल नंबर अपडेट करने और नई बिलिंग प्रणाली की जानकारी देने के लिए विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

10 किस्तों में दे सकेंगे पुराना बकाया

सरकार ने उन उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत दी है जिनका पिछला बिल बकाया है। ऊर्जा मंत्री के अनुसार, पुराने बकाये का भुगतान अब 10 आसान किस्तों में किया जा सकेगा। साथ ही, विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि केवल बिल भुगतान न होने की स्थिति में तत्काल बिजली न काटी जाए और उपभोक्ताओं को पर्याप्त समय दिया जाए।


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