विधि संवाददाता, पीलीभीत। इलाज में घोर लापरवाही के कारण महिला की मौत होने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंगल देव सिंह की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय द्वारा बार-बार सम्मन जारी किए जाने के बाद भी उपस्थित न होने पर निजी चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र गंगवार के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तिथि तय की है।
मामला वर्ष 2022 का है, जब परिवादी किशोर कुमार की पत्नी को इलाज के लिए गोदान अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ डॉ. शैलेंद्र गंगवार द्वारा उनका ऑपरेशन किया गया। परिवादी का आरोप है कि चिकित्सक की लापरवाही और गलत इलाज के कारण उनकी पत्नी की स्थिति बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई। पीड़ित पति ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज कर सुनवाई शुरू की। परिवादी के बयान और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के बाद अदालत ने डॉ. शैलेंद्र गंगवार को गैर इरादतन हत्या का प्रथम दृष्टया आरोपी पाया और उन्हें विचारण हेतु अदालत में तलब करने के लिए सम्मन जारी करने के आदेश दिए। इसके बावजूद जब आरोपी चिकित्सक कई बार भेजे गए सम्मन पर हाजिर नहीं हुए, तो न्यायालय ने सख्ती दिखाते हुए जमानती वारंट जारी कर हाजिरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।