इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ रेलवे लाइन के पास संदिग्ध परिस्थितियों में घूमती हुई एक बांग्लादेशी किशोरी मिली है, जिसे स्थानीय पुलिस ने तुरंत अपने संरक्षण में ले लिया है। किशोरी के पास भारत में प्रवेश से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज, पासपोर्ट या वीजा बरामद नहीं हुआ है, जिसके बाद से जिले का खुफिया तंत्र और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। बिना किसी कानूनी दस्तावेज के अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर उत्तर प्रदेश के दिल में स्थित इटावा तक इस किशोरी के पहुँचने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
भाषा की दीवार होने के कारण शुरुआत में पुलिस को किशोरी से पूछताछ करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस समस्या से निपटने के लिए इटावा पुलिस ने एआई (Artificial Intelligence) ट्रांसलेशन तकनीक का सहारा लिया, जिसके माध्यम से भाषा का अनुवाद कर किशोरी की सही पहचान सुनिश्चित हो सकी। जांच में पता चला है कि किशोरी बांग्लादेश के कुख्यात ‘कॉक्स बाजार’ (Cox’s Bazar) क्षेत्र की रहने वाली है। मामला बेहद गंभीर होने के कारण स्थानीय पुलिस के साथ-साथ स्थानीय खुफिया इकाई (LIU), स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी गहनता से जांच में जुट गई हैं कि कहीं यह मानव तस्करी (Human Trafficking) या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। फिलहाल प्रशासन द्वारा किशोरी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसका मेडिकल टेस्ट और आयु परीक्षण (Age Determination Test) कराने की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।