रुद्रपुर: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में बंगाली समाज को आरक्षण और उनके न्यायोचित अधिकारों की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब बेहद आक्रामक और अनूठे मोड़ पर पहुंच गया है। समाजसेवी सुब्रत कुमार विश्वास के नेतृत्व में चल रहे ‘आरक्षण हमारा अधिकार’ आंदोलन के तहत आज आंदोलनकारी युवाओं ने सामूहिक रूप से अपना सिर मुंडवाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस दौरान समाज के दर्जनों युवाओं ने मुंडन कराकर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया और संकल्प लिया कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जनप्रतिनिधियों को स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे बाल
आंदोलन स्थल पर उपस्थित युवाओं ने सर्वसम्मति से एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक निर्णय लिया। युवाओं ने घोषणा की कि मुंडन के दौरान एकत्रित किए गए बंगाली युवाओं के इन बालों को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्य के मुख्यमंत्री और विभिन्न जनप्रतिनिधियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि इस अनोखे कदम का उद्देश्य बंगाली समाज के वर्षों पुराने संघर्ष, उनके दर्द और मांगों की गूंज को सीधे देश के सर्वोच्च नेतृत्व के कानों तक पहुंचाना है, ताकि केंद्र व राज्य सरकार सोई हुई नींद से जाग सके।
“आरक्षण हमारा अधिकार, इसे लेकर रहेंगे” – सुब्रत विश्वास
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी सुब्रत कुमार विश्वास ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाली समाज दशकों से उत्तराखंड की धरती पर अपने संवैधानिक और सामाजिक अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहा है। लेकिन सरकारों की बेरुखी के कारण आज युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “आरक्षण हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम इसे हर कीमत पर प्राप्त करके ही दम लेंगे। यदि सरकार ने हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाकर और अधिक व्यापक व उग्र बनाया जाएगा।”
प्रदर्शन में भारी संख्या में जुटे समाज के लोग और युवा कार्यकर्ता
इस ऐतिहासिक मुंडन प्रदर्शन के दौरान डॉ. सुनील हालदार, सुभाष राय, निपेन विश्वास, राजू विश्वास और धीरज विश्वास सहित अनेक प्रमुख युवाओं ने सबसे पहले आगे आकर अपना मुंडन कराया। इस मौके पर समाज को एकजुट करने और आंदोलन को धार देने के लिए किशोर हालदार, अभिमन्यु साना, सुब्रतन कुमार, डॉ. अली, प्रजापति आर. दास, प्रमोद अली सलमानी, श्याम दत्त लोधी, ओमप्रकाश लोधी, मनीष गुप्ता, अमल मंडल, तरुण विश्वास, निलेश खान और गोपाल मंडल सहित सैकड़ों की संख्या में बंगाली समाज के लोग, बुद्धिजीवी और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।