आजमगढ़। उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ पुलिस ने जाली करेंसी (Fake Currency) बनाने वाले एक बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस ने रौनापार थाना क्षेत्र से एक अंतर्राज्यीय गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो हाई-टेक उपकरणों के जरिए नकली नोट छापकर बाजार में खपाने का काम कर रहे थे।
लाखों की नकली करेंसी और उपकरण बरामद
पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 19 हजार रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद किए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला पूरा सेटअप भी जब्त कर लिया है, जिसमें शामिल हैं:
- एक लैपटॉप और कलर प्रिंटर।
- नकली नोट तैयार करने के अन्य उपकरण।
- वारदात में इस्तेमाल होने वाली एक कार।
- 7 मोबाइल फोन।
कैसे काम करता था गिरोह?
पकड़े गए अभियुक्तों में अंतर्राज्यीय स्तर के अपराधी शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये लोग लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से हूबहू असली दिखने वाले नोट छापते थे और भीड़भाड़ वाले बाजारों व ग्रामीण इलाकों में इन्हें खपाते थे। गिरोह का नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ था।
पुलिस टीम को मिला इनाम
रौनापार पुलिस की इस तत्परता और सफल घेराबंदी की जिले के आला अधिकारियों ने सराहना की है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और उनके खरीदारों की तलाश में जुट गई है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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