पीलीभीत। जहां एक ओर वन्यजीवों और इंसानों के बीच संघर्ष की खबरें आम हैं, वहीं तराई के आंचल में स्थित एक होमस्टे ‘द जंगल इन’ ने संरक्षण की एक नई इबारत लिखी है। दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली, जिसे ‘रस्टी-स्पॉटेड कैट’ के नाम से जाना जाता है, ने इस होमस्टे को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया है।
अख्तर मियां के अनुसार, यह बेहद शर्मीली और दुर्लभ बिल्ली पिछले कई वर्षों से लगातार इस होमस्टे के परिसर में आकर अपने बच्चों को जन्म दे रही है। रस्टी-स्पॉटेड कैट आमतौर पर इंसानों की आहट से कोसों दूर रहती है, लेकिन ‘द जंगल इन’ के शांत वातावरण और वहां मिलने वाले सम्मान ने इस नन्हे जीव के मन में सुरक्षा का ऐसा भाव जगाया है कि वह हर साल यहीं लौट आती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस दुर्लभ बिल्ली की मौजूदगी इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि यह क्षेत्र अभी भी अपनी प्राकृतिक जैव विविधता को संजोए हुए है। रस्टी-स्पॉटेड कैट आकार में घरेलू बिल्ली से भी छोटी होती है और इसके शरीर पर जंग के रंग जैसे धब्बे होते हैं। इसका किसी मानव बस्ती के इतने करीब प्रजनन करना वन्यजीव संरक्षण के दृष्टिकोण से एक बड़ी उपलब्धि है।
अख्तर मियां कहते हैं, “यह नन्हा सा जीव हमें सिखाता है कि अगर हम प्रकृति को थोड़ी सी शांति और सम्मान दें, तो वह अपना सबसे गहरा भरोसा हम पर जताती है।” उनका मानना है कि वन्यजीवों को बचाने के लिए केवल जंगल का होना जरूरी नहीं है, बल्कि इंसानों के भीतर उनके प्रति करुणा होना भी अनिवार्य है।
‘द जंगल इन’ में ठहरने वाले पर्यटकों के लिए यह एक जादुई अनुभव से कम नहीं है। हालांकि यह बिल्ली बहुत कम दिखाई देती है, लेकिन अगर किस्मत अच्छी हो, तो मेहमानों को इस दुर्लभ वन्यजीव की एक झलक मिल जाती है। यह होमस्टे अब केवल ठहरने की जगह नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाने की एक जीवित पाठशाला बन गया है।

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