विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में कोरोना वायरस (COVID-19) का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। यहाँ एक 33 वर्षीय युवक की प्राइवेट लैब और प्रसिद्ध सरकारी किंग जॉर्ज हॉस्पिटल (KGH) में की गई जांच के बाद कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मरीज को तत्काल प्रभाव से डॉक्टरों की देखरेख में होम आइसोलेशन में रख दिया गया है। चिकित्सा अधिकारियों की एक विशेष टीम मरीज के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, संक्रमित युवक हाल ही में तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से यात्रा कर विशाखापत्तनम वापस लौटा था। घर लौटने के कुछ ही दिनों बाद उसे लगातार सर्दी, खांसी, तेज बुखार और पूरे शरीर में दर्द की शिकायत होने लगी। तबीयत बिगड़ने पर उसने पहले एक निजी प्रयोगशाला में अपनी जांच करवाई, जहाँ रिपोर्ट में संक्रमण के लक्षण दिखे। इसके बाद पुख्ता जानकारी के लिए सरकारी किंग जॉर्ज हॉस्पिटल (KGH) में उसका आरटी-पीसीआर (RT-PCR) टेस्ट कराया गया, जिसने उसके कोरोना संक्रमित होने की अंतिम पुष्टि की।
प्राप्त विवरण के अनुसार, संक्रमित युवक विशाखापत्तनम जिला कलेक्टर कार्यालय (समाहरनालय) के समीप स्थित एक वीआईपी सरकारी कॉलोनी का निवासी है। घनी आबादी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्र होने के कारण स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) ने मरीज को घर के भीतर ही पूरी तरह आइसोलेट रहने की सख्त हिदायत दी है। इसके साथ ही, पिछले कुछ दिनों के भीतर युवक के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों, दोस्तों और अन्य लोगों की विस्तृत कांटेक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing) शुरू कर दी गई है ताकि संक्रमण के फैलाव को समय रहते रोका जा सके।
विशाखापत्तनम के स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे इस मामले को लेकर बिल्कुल भी पैनिक (अफ़रातफ़री) न करें। डॉक्टरों ने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि किसी भी व्यक्ति को बुखार, सूखी खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपनी जांच कराएं और बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन करें।