सितारगंज। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के तत्वाधान में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक धरना दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सोमवार को शाखा अध्यक्ष विनय वाल्मीकि के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने एक पहर का कार्य बहिष्कार कर नगर पालिका परिषद सितारगंज में धरना दिया।
इस दौरान उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में हुए समझौते के बावजूद अब तक सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों का समाधान नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने, समान कार्य के लिए समान वेतन देने तथा आउटसोर्स और संविदा कर्मियों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने सरकार के समक्ष सात सूत्रीय मांगें रखीं। इनमें वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों का नियमितीकरण, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा नियमावली-2024 के तहत रिक्त पदों पर नियुक्ति, वर्ष 2021 में गठित स्वच्छता कर्मचारी आयोग की रिपोर्ट लागू करना, सफाई कर्मचारियों के लिए पृथक सेवा नियमावली बनाना, नई पेंशन योजना (एनपीएस) समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करना, पर्यावरण मित्रों की पदोन्नति तथा नगर पालिका परिषद की भूमि पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को अतिक्रमणकारी न मानते हुए मालिकाना हक प्रदान करना प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि सोमवार को एक पहर का कार्य बहिष्कार किया गया है। यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो 9 जुलाई से आमरण अनशन किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहां राजू भारती, रोहित कुमार, सुखलाल, बलदेव प्रसाद, विजय, राजू, सीता, कमला देवी, उषा देवी, बॉबी भारती, ओम प्रकाश सहित अन्य सफाई कर्मचारी रहें।
सात सूत्रीय मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार, मांगें न मानी तो आंदोलन होगा तेज