विधि संवाददाता,​ पीलीभीत। बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के गंभीर मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) त्रिभुवन नाथ पासवान ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त (बरी) कर दिया है। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहनता से अवलोकन करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय दिया।
​अभियोजन पक्ष की कहानी के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि थाना अमरिया क्षेत्र के एक गांव निवासी उसके फुफेरे साले का लड़का पप्पू शर्मा 6 मई 2024 को उनके घर आया था। आरोप था कि 8 मई 2024 की रात को वह वादी की पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। पीड़ित परिवार का कहना था कि उस रात उनकी पुत्री ने जो खाना बनाया था, उसमें कथित तौर पर नींद की गोलियां मिला दी गई थीं, जिसके कारण घर का कोई भी सदस्य समय पर जाग नहीं पाया था।
​घटना के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू की थी। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस की ओर से न्यायालय में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया था। हालांकि, विशेष अदालत में चली लंबी कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को ठोस सबूतों के साथ साबित करने में नाकाम रहा। नतीजतन, अदालत ने साक्ष्यों की कमी को आधार मानते हुए आरोपी पप्पू शर्मा को सभी आरोपों से बरी करने के आदेश जारी कर दिए।

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