सितारगंज (शक्तिफार्म) |ऊधमसिंह नगर जनपद के शक्तिफार्म क्षेत्र से किसान उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम सुरेंद्रनगर निवासी एक किसान को दबंगों ने न केवल आर्थिक रूप से चोट पहुँचाई, बल्कि उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी भी दी। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के बाद, अब माननीय न्यायालय के आदेश पर सितारगंज पुलिस ने गांव के ही सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित किसान संजीत मंडल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके ही गांव के कुछ दबंगों ने उनका जीना मुहाल कर रखा है। उत्पीड़न का यह सिलसिला पिछले साल 6 दिसंबर से शुरू हुआ, जब आरोपी सुरेश मंडल, कृष्ण मंडल, अभिजीत मंडल, राकेश मंडल, मुकेश मंडल, विनती मंडल और प्रियवाला मंडल ने रात के अंधेरे में संजीत के खेत में धावा बोला।
आरोपियों ने खेत की घेराबंदी के लिए लगाए गए तारबाड़ और करीब 20 सीमेंटेड खंभों को उखाड़ दिया और उन्हें अपने घर ले गए, जिससे किसान को ₹30,000 का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ।
लगातार बढ़ता गया उत्पीड़न
घटना यहीं नहीं रुकी, 15 दिसंबर को जब संजीत अपने खेत में जल निकासी के लिए नाली बना रहे थे, तभी उपरोक्त सभी आरोपी लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ वहां पहुँच गए और गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
हद तो तब हो गई जब 11 जनवरी 2026 को आरोपियों ने संजीत की मेहनत की फसल को बर्बाद करने के लिए खेत में आवारा पशु छोड़ दिए। पशुओं ने पूरी फसल को रौंद डाला, जिससे किसान को लगभग ₹50,000 का अतिरिक्त नुकसान झेलना पड़ा।
कोर्ट के दखल के बाद कार्रवाई
जब संजीत ने इस बर्बरता का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और उल्टा उन्हें ही झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर डराया-धमकाया। पुलिस द्वारा मामले में ढिलाई बरतने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली।
अब न्यायालय के सख्त रुख के बाद सितारगंज कोतवाली पुलिस ने सातों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी