प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (15 मई) को पांच देशों के एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक दौरे पर रवाना हो रहे हैं, जिसके तहत वे अगले 6 दिनों में यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस मैराथन दौरे का पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है। पीएम मोदी का यह संक्षिप्त यूएई दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पूरा मध्य पूर्व (Middle East) क्षेत्र ईरान के अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच फंसा हुआ है। ऐसे भू-राजनीतिक संकट (Geopolitical Crisis) के माहौल में प्रधानमंत्री की यह यात्रा रणनीतिक, सुरक्षा और कूटनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और अहम मानी जा रही है, जहां वे द्विपक्षीय हितों और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा कर सकते हैं।यूएई में अपने संक्षिप्त प्रवास और उच्च स्तरीय बैठकों के बाद प्रधानमंत्री सीधे यूरोप के लिए रवाना होंगे, जहां उनका अगला पड़ाव नीदरलैंड्स होगा। इसके बाद, पीएम मोदी नॉर्डिक देशों (Nordic Countries) के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से स्वीडन और नॉर्वे का व्यापक दौरा करेंगे, जहां व्यापार, हरित ऊर्जा (Green Energy) और तकनीकी सहयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस छह दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दौरे का अंतिम पड़ाव इटली होगा, जहां द्विपक्षीय वार्ताओं के साथ-साथ वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को रेखांकित किया जाएगा। कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक मंदी के खतरों के बीच प्रधानमंत्री का यह पांच देशों का दौरा वैश्विक राजनीति और व्यापारिक साझेदारी के लिहाज से बेहद दूरगामी परिणाम देने वाला साबित हो सकता है।

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