वाराणसी: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सनातन धर्म और गौ माता की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। काशी के श्रीविद्या मठ में उन्होंने अपनी निजी ‘शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना’ के गठन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। स्वामी जी के इस फैसले ने धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

‘रोको, टोको और ठोको’ का नया स्लोगन:
शंकराचार्य ने इस सेना के लिए एक सख्त कार्यप्रणाली तय की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ रक्षा के लिए सेना “रोको, टोको और ठोको” की तर्ज पर काम करेगी। यानी पहले समझाया जाएगा, फिर विरोध होगा और जरूरत पड़ने पर कड़ा प्रहार भी किया जाएगा।

सेना की मुख्य विशेषताएं:

  • लक्ष्य: पूरे देश में 2,18,700 सैनिकों की भर्ती का विशाल लक्ष्य रखा गया है।
  • वेशभूषा: सेना के जवान पीले वस्त्र धारण करेंगे और उनके हाथों में शस्त्र के रूप में ‘परशु’ (फरसा) होगा।
  • कमान: संचालन के लिए 27 सदस्यीय पदाधिकारियों की घोषणा की गई है।
  • डेडलाइन: अगले 10 महीनों में सेना धरातल पर सक्रिय हो जाएगी और आगामी माघ मेले तक इसका पूर्ण स्वरूप तैयार हो जाएगा।

क्यों पड़ी सेना की जरूरत?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद लंबे समय से गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से ठोस कदम न उठाए जाने पर अब उन्होंने स्वयं की सेना के जरिए सड़कों पर उतरने का फैसला किया है। यह सेना न केवल गौ तस्करी रोकेगी बल्कि धर्म की रक्षा के लिए ढाल बनकर खड़ी होगी।

(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *