विधि संवाददाता, पीलीभीत। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मई माह के द्वितीय शनिवार को जनपद पीलीभीत में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस अदालत के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर कुल 1 लाख 63 हजार 708 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 7 करोड़ 67 लाख 16 हजार 631 रुपये की धनराशि के राजस्व समझौते संपन्न हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीवानी न्यायालय परिसर में सुबह 10 बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के साथ लोक अदालत का निरीक्षण किया और वादकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्राधिकरण के सचिव अरुण यशोदास ने बताया कि इस लोक अदालत में दीवानी, वैवाहिक, पारिवारिक, राजस्व, बैंक लोन, मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजा, वन, फौजदारी, चेक बाउंस और विद्युत अधिनियम से जुड़े विभिन्न मामलों का निस्तारण किया गया। विशेष रूप से पारिवारिक न्यायालय में पति-पत्नी के बीच विवादों के 10 मामले सुलझाए गए, जिनमें से पांच वैवाहिक जोड़े पुनः साथ रहने के लिए विदा हुए। राष्ट्रीय लोक अदालत की इस सुविधा का लाभ हजारों वादकारियों को मिला, जिससे उनके लंबित विवादों का त्वरित निपटारा हो सका।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय संजीव कुमार सिन्हा, एमएसीटी पीठासीन अधिकारी रामकुशल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। जनपद के बाह्य न्यायालयों, पूरनपुर और बीसलपुर में भी लोक अदालत का आयोजन कर विभिन्न वादों का निस्तारण किया गया। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यायालय परिसर में भारी पुलिस बल और अधिवक्ताओं की उपस्थिति रही।
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