इंफाल। मणिपुर पुलिस ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलाए गए अलग-अलग अभियानों में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इंफाल पूर्व, काकचिंग और विष्णुपुर जिलों से विभिन्न प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े 7 सक्रिय उग्रवादियों (जिनमें एक किशोर भी शामिल है) को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों से राज्य के रिहायशी इलाकों में किए गए कई सिलसिलेवार ग्रेनेड हमलों की साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
इस आतंकवाद-विरोधी अभियान से जुड़े मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:
तीन जिलों में चलाए गए योजनाबद्ध अभियान
- इंफाल पूर्व और काकचिंग में गिरफ्तारियां: खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इंफाल पूर्व के खाबेइसोई और काकचिंग जिले से 1-1 सक्रिय उग्रवादी को दबोचा। इसके अलावा, इंफाल पूर्व के ही लामलाई क्षेत्र से एक किशोर सहित 3 अन्य उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया।
- केवाईकेएल (KYKL) के उग्रवादी धरे गए: सोमवार, 29 जून को विष्णुपुर जिले में चलाए गए एक अन्य अभियान में पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन केवाईकेएल (Kanglei Yawol Kanna Lup) के 2 सक्रिय उग्रवादियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
आम नागरिकों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का खुलासा
- 6 हैंड ग्रेनेड की मिली थी खेप: पुलिस पूछताछ और प्रारंभिक जांच में पकड़े गए उग्रवादियों ने बेहद सनसनीखेज खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह को रिहायशी इलाकों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से 6 हैंड ग्रेनेड दिए गए थे।
- 5 इलाकों में किए जा चुके थे हमले: उग्रवादियों ने कुबूल किया कि उन्हें मिले 6 ग्रेनेडों में से 5 को वे पहले ही इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम के अलग-अलग घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्रों में फेंक चुके थे, जिससे स्थानीय लोगों में खौफ का माहौल था।
जिंदा ग्रेनेड और वाहन बरामद, जांच जारी
- पुलिस की बरामदगी: सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के कब्जे से 1 जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद कर उसे समय रहते निष्क्रिय कर दिया है, जिससे एक बड़ा संभावित हादसा टल गया। इसके साथ ही उग्रवादियों द्वारा रेकी और परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दो स्कूटर भी जब्त किए गए हैं।
मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां अब इन उग्रवादियों के मददगारों, हथियारों की सप्लाई लाइन और वित्तीय स्रोतों का पता लगाने के लिए मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।