पीलीभीत| महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आज जनपद के माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम स्थल से बहुप्रतीक्षित “गोमती जीवन यात्रा” का भव्य शुभारंभ हुआ। भक्ति और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संगम के साथ शुरू हुई यह यात्रा गोमती नदी को उसकी खोई हुई अविरल धारा वापस दिलाने के संकल्प पर आधारित है। कार्यक्रम का आरंभ पिछले दिन से चल रहे श्रीरामचरित मानस पाठ के समापन, हवन-पूजन और माँ गोमती की महाआरती के साथ हुआ। अनुष्ठान के पश्चात गोमती के पावन जल को एक कलश में भरा गया, जिसे पूरी यात्रा के दौरान शुभ प्रतीक के रूप में साथ ले जाया जाएगा।
इस कलश को यात्रा के समापन पर वाराणसी के कैथी महादेव घाट स्थित गंगा-गोमती संगम पर भगवान शिव को अर्पित किया जाएगा। उद्गम स्थल पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए यूथ इन एक्शन के राष्ट्रीय संयोजक शतरुद्र प्रताप ने भावुक होते हुए कहा कि जौनपुर के घाटों की दुर्दशा देखकर उनके मन में नदी संरक्षण का विचार आया। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में गोमती के मार्ग में पड़ने वाले सभी 14 जिलों में जनसंपर्क कर लोगों को इस मुहिम से जोड़ा गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदियों का पुनरुद्धार केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता और जन-जागरण से ही संभव है। वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गुरुभाग सिंह ने यात्रा को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए शतरुद्र जी के संकल्प की सराहना की और इसे समय की मांग बताया।

यात्रा के जिला संयोजक अंशुमन तिवारी ने बताया कि यह यात्रा माता यशवंतरी और भगवान गौरीशंकर के आशीर्वाद के साथ गोमती के पुनर्जीवन की प्रार्थना लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा के प्रस्थान के बाद मार्ग में इसे ‘जय गुरुदेव आश्रम’ के अनुयायियों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इसके पश्चात जयप्रकाश नारायण आश्रम पद्धति विद्यालय के छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ शतरुद्र प्रताप ने विद्यार्थियों को नदी संरक्षण की शपथ दिलाई। देवीपुरा ग्राम में ग्रामीणों के साथ संवाद कर उन्हें नदी प्रदूषण के प्रति जागरूक किया गया।

इस गरिमामय अवसर पर प्रख्यात कवि संजय पांडे, वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री, रोटरी अध्यक्ष डॉ. अनिल सक्सेना, पूर्व अध्यक्ष डॉ. एसपीएस संधू, कपीश अग्रवाल, डॉ. अनुरीता सक्सेना, डॉ. पूनम चंद्रा, रोटरी मातृशक्ति की अध्यक्ष अदिति जायसवाल, सचिव रूपाली अग्रवाल सहित यूथ इन एक्शन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अनिकेत अनी और गोमती ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए अंशुमन तिवारी ने जानकारी दी कि यात्रा का प्रथम रात्रि विश्राम पूरनपुर में होगा, जिसके बाद कल घाटमपुर के त्रिवेणी घाट पर पूजन के साथ यात्रा अगले पड़ाव की ओर प्रस्थान करेगी।