पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण स्थानीय परिषदीय स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में जलभराव की बेहद गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। शुक्रवार और शनिवार को हुई भारी वर्षा के चलते न केवल जनपद के शहरी व ग्रामीण निचले इलाकों में पानी भरा है, बल्कि कई प्रमुख सरकारी शिक्षण संस्थानों के परिसरों और कक्षाओं (क्लासरूम) के भीतर भी पानी घुस गया है। जल-जमाव के कारण शनिवार सुबह विद्यालय पहुंचे छात्र-छात्राओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, जिसके बाद सुरक्षा के दृष्टिगत पठन-पाठन का कार्य पूर्ण रूप से ठप कर बच्चों को घरों को वापस भेज दिया गया।
ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज और जिला पंचायत स्कूल सहित कई संस्थान लबालब
प्राप्त प्रामाणिक और धरातलीय जानकारी के अनुसार, शहर के प्रतिष्ठित ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज और वीरांगना अवंतीबाई जिला पंचायत स्कूल सहित दर्जनों प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय इस समय पूरी तरह से पानी से लबालब नजर आ रहे हैं। मुख्य मार्गों और संपर्क रास्तों पर फैले गहरे कीचड़ व जल-जमाव के कारण सुबह के समय भीगते हुए स्कूल पहुंचे नौनिहालों को आवागमन में भारी दिक्कतों और सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करना पड़ा। क्लासरूम के भीतर पानी भरा होने के कारण बैठे-ठाले की व्यवस्था न होने पर बच्चों को मजबूरन अपने घरों को वापस लौटना पड़ा, जिससे बच्चों की नियमित पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

शिक्षकों ने गेट पर बैठकर काटा समय, बीएसए कार्यालय से आधिकारिक निर्देश का इंतजार
विद्यालयों की इस विकट और बदहाल स्थिति के बीच, स्कूल पहुंचे शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भी जैसे-तैसे विद्यालय के मुख्य गेट, कार्यालयों और जहां-तहां बचे सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर बैठकर ड्यूटी का समय गुजारा। कई प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की रसोई में भी पानी भर जाने की खबरें आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि परिषदीय स्कूलों की इस बदहाली, जलभराव और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व पढ़ाई प्रभावित होने के इस अत्यंत संवेदनशील विषय के संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) पीलीभीत की ओर से अब तक कोई आधिकारिक विधिक जानकारी, एडवाइजरी या स्कूलों में एहतियातन छुट्टी को लेकर स्पष्ट निर्देश सामने नहीं आया है, जिससे शिक्षकों और अभिभावकों में संशय व रोष की स्थिति बनी हुई है।