सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में नाबालिग बच्चियों की खरीद-फरोख्त और यौन उत्पीड़न के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त विधिक टीम ने एक सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन रोड स्थित बीएसएनएल (BSNL) गेट के समीप से वांछित चल रहे मुख्य अभियुक्त अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी पर एक नाबालिग किशोरी को 1 लाख 20 हजार रुपये में खरीदने और उसका विधिक व शारीरिक शोषण कराने का जघन्य आरोप दर्ज है।
पीड़िता के न्यायालय में हुए बयानों के बाद वांछित चल रहा था आरोपी
प्राप्त प्रामाणिक और आधिकारिक विधिक विवरण के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त अमित कुमार पुत्र अज्ञात, मूल रूप से अलीगढ़ जिले के थाना सासनी गेट अंतर्गत मोहल्ला पक्की सराय (वार्ड नंबर 34) का निवासी है। यह पूरा मामला अंतर-जनपदीय और अंतर-राज्यीय मानव तस्करी सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है, जिसमें राजस्थान के दलालों की मदद से एक नाबालिग किशोरी को 1.20 लाख रुपये की नगद धनराशि देकर खरीदा गया था। इस मामले में सोनभद्र पुलिस पूर्व में ही मुख्य आरोपी अमित के सगे भाई राहुल, राजस्थान के मुख्य दलाल रामलाल तथा बिचौलिये की भूमिका निभाने वाली दो महिलाओं बिंदु और सोनी को गिरफ्तार कर विधिक अभिरक्षा में जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपी अमित कुमार इस केस में वांछित चल रहा था, जिसका नाम पीड़िता ने न्यायालय के समक्ष दर्ज कराए गए अपने विधिक बयानों में मुख्य रूप से उजागर किया था।
कड़ी विधिक धाराओं के तहत भेजा गया जेल, रैकेट के वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी
सोनभद्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अमित कुमार का पूर्व का आपराधिक इतिहास भी अत्यंत दागी रहा है और उस पर यौन शोषण व अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (ITPA) के तहत पूर्व में भी गंभीर मामले दर्ज हैं। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने आरोपी अमित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की मानव तस्करी, पॉक्सो (POCSO) एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और अनैतिक व्यापार निवारण कानून की अत्यंत कठोर एवं गैर-जमानती धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से माननीय न्यायाधीश के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीमें अब इस सिंडिकेट के पूरे वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों को खंगालने में जुटी हैं ताकि लड़कियों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।