पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के मुख्य द्वार पर बुधवार को एक अत्यंत भावुक और उत्साहपूर्ण दृश्य देखने को मिला, जब ‘दिव्य दर्शन’ कार्यक्रम के अंतर्गत बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाली दिव्यांग छात्राओं को जंगल सफारी के लिए रवाना किया गया। इस विशेष पहल का उद्देश्य इन विशेष बच्चों को प्रकृति और वन्यजीवों के करीब लाना तथा उनके भीतर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर और देश के प्रतिष्ठित वाइल्डलाइफर साकेत बड़ौला उपस्थित रहे। उन्होंने पीटीआर मुख्यालय पर आयोजित एक संक्षिप्त गरिमामय समारोह में सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर दिव्यांग बच्चों के दल को जंगल की ओर रवाना किया।
समारोह की शुरुआत में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) मनीष सिंह ने मुख्य अतिथि साकेत बड़ौला का पुष्पगुच्छ भेंट कर औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया और वन एवं वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक भारत कुमार डीके भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल को शिक्षा और संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज के संवेदनशील वर्गों में भी प्रकृति के प्रति प्रेम और गौरव का भाव जाग्रत होता है।

इस ‘दिव्य दर्शन’ सफारी में कुल 100 दिव्यांग बच्चों ने हिस्सा लिया, जिनके साथ उनके अभिभावक और शिक्षक भी मौजूद रहे। कुल मिलाकर 200 लोगों के इस दल ने टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों का दीदार किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) रोशनी सिंह, वन्य जीव एवं जैव विविधता समिति के महासचिव अमिताभ अग्निहोत्री, जिला समन्वयक राकेश पटेल और जिला व्यायाम शिक्षक राजीव कुमार ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम को सफल बनाने में वन विभाग और शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे इन बच्चों के लिए यह दिन एक यादगार अनुभव बन गया।
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