पीलीभीत। विश्व मेढक दिवस के अवसर पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व की समृद्ध जैव विविधता में मेढकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए टरक्वाइज वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी के अध्यक्ष अख्तर मियां खान और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने साझा संदेश जारी किया है। अख्तर मियां खान ने बताया कि तराई क्षेत्र के जंगल, दलदली इलाके और नदियाँ मेढकों के लिए आदर्श आवास हैं, जहाँ ‘कॉमन इंडियन टोड’, ‘मार्बल्ड बैलून फ्रॉग’, ‘ट्री फ्रॉग’, ‘स्किटरिंग फ्रॉग’ और ‘इंडियन बुलफ्रॉग’ जैसी प्रमुख प्रजातियाँ पाई जाती हैं। उन्होंने विशेष रूप से ‘मार्बल्ड बैलून फ्रॉग’ का उल्लेख किया, जो अपने शरीर को गुब्बारे की तरह फुलाने की क्षमता रखता है और स्वस्थ मिट्टी का प्रतीक माना जाता है। अख्तर मियां के अनुसार, ये जीव केवल वर्षा ऋतु की आवाज नहीं हैं, बल्कि कीटों की संख्या को नियंत्रित कर पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखने वाले प्रमुख प्रहरी हैं।
प्रभागीय वन अधिकारी मनीष सिंह ने मेढकों को पर्यावरण का ‘बायो-इंडिकेटर’ यानी संवेदनशील संकेतक बताते हुए कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ और हाथियों जैसे बड़े वन्यजीवों के साथ-साथ इन छोटे जीवों का संरक्षण भी उतना ही अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि मेढकों की उपस्थिति जल और थल दोनों के स्वास्थ्य को दर्शाती है, क्योंकि ये कई पक्षियों, सरीसृपों और स्तनधारियों के लिए भोजन का मुख्य स्रोत भी हैं। मनीष सिंह ने आगाह किया कि जल स्रोतों में प्रदूषण, रासायनिक कीटनाशकों का बढ़ता प्रयोग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियाँ इन नन्हें जीवों के अस्तित्व पर संकट पैदा कर रही हैं। वन विभाग इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और जल निकायों की शुद्धता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
अख्तर मियां खान और डीएफओ मनीष सिंह ने संयुक्त रूप से जनता से अपील की है कि मेढकों जैसे छोटे जीवों की अनदेखी करना भविष्य में बड़े पर्यावरणीय नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने जोर दिया कि मानसून के दौरान तालाबों में गूंजने वाली मेढकों की आवाजें प्रकृति के संतुलन का संदेश हैं। इस अवसर पर यह संकल्प लिया गया कि जल स्रोतों को स्वच्छ रखकर और रसायनों के सीमित उपयोग के माध्यम से इन ‘अनसुने नायकों’ की रक्षा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जब मेढक सुरक्षित रहेंगे, तभी टाइगर रिजर्व का पूरा खाद्य चक्र और जंगल सुरक्षित रह पाएगा।
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