पीलीभीत। गजरौला कला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जैतपुर में पिछले दो दिनों से भारी उत्पाद मचा रहे और ग्रामीणों पर जानलेवा हमला कर रहे एक आक्रामक लंगूरी बंदर को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया है। इस बंदर के लगातार हमलों से पूरे गांव में दहशत और खौफ का माहौल बना हुआ था, जिसके चलते सात से अधिक ग्रामीण लहूलुहान होकर घायल हो चुके थे। शनिवार को जब ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या से बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक स्वामी प्रवक्ता नंद को अवगत कराया, तो उन्होंने तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी (डीएम) ज्ञानेंद्र सिंह से वार्ता की। डीएम के कड़े निर्देश के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आई और गांव के लिए रवाना हुई।

गाँव पहुँची वन विभाग की टीम के लिए आक्रामक बंदर को काबू करना आसान नहीं था। अभियान के दौरान जैसे ही कर्मचारियों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, उसने टीम के एक सदस्य पर भी हिंसक हमला बोल दिया। इसके बाद वन एवं वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) भरत कुमार के कुशल नेतृत्व में एक विशेष और योजनाबद्ध अभियान चलाया गया। वन कर्मियों ने बंदर की गतिविधियों और मूवमेंट का बारीकी से आकलन किया और काफी मशक्कत के बाद आखिरकार उसे पूरी तरह सुरक्षित तरीके से जाल में फंसाकर काबू कर लिया। बंदर को पकड़े जाने के बाद वन टीम उसे अपने साथ ले गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

इस आक्रामक बंदर के हमलों में गाँव के हुकुमचंद मौर्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें गहरी चोटें आई हैं। इनके अलावा रामबहादुर, आकाश, अजय, जागीर और जलालुद्दीन समेत कई अन्य ग्रामीण भी बंदर के दांत और नाखूनों का शिकार होकर जख्मी हुए हैं। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की देखरेख में सभी घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, जहाँ उनका उचित उपचार और एंटी-रेबीज टीकाकरण कराया जा रहा है।