पीलीभीत। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में गांधी सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला टास्क फोर्स समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मातृ मृत्यु दर, जननी सुरक्षा योजना के तहत डिलीवरी व भुगतान की स्थिति, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सब-सेंटर पर प्रसव सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ब्लॉकवार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे गोल्डन कार्डों की प्रगति को जांचा और कार्य में अपेक्षित तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि आयुष्मान भारत योजना की प्रतिदिन मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी कार्ड से वंचित न रहे।
​बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान को तत्काल निस्तारित करने और जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मातृ मृत्यु की प्रत्येक घटना की गंभीरता से समीक्षा की जाए और एफआरयू की कार्यप्रणाली में सुधार लाया जाए। इसके अतिरिक्त, बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में कुपोषित बच्चों की भर्ती बढ़ाने, ‘ई-कवच’ आभा आईडी रिपोर्ट, परिवार नियोजन, और प्रति सप्ताह दी जाने वाली आयरन व फोलिक एसिड सप्लीमेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
​बैठक के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, जन्मजात दोष से ग्रसित बच्चों की सर्जरी, और जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की क्रियाशीलता, ई-संजीवनी ओपीडी और राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया। साथ ही, ‘मंत्र ऐप’ पर डेटा अपलोडिंग में सुधार और वृद्ध वंदना योजना के तहत स्वास्थ्य संस्थानों की प्रगति पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह श्रीवास, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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