गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की कर्नलगंज तहसील में प्रशासनिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच का विवाद अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है। स्थिति यह है कि तहसील परिसर अब दो गुटों के अनशन का केंद्र बन गया है। जहाँ एक ओर वकील पिछले 12 दिनों से एसडीएम (SDM) के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, वहीं अब लेखपाल और तहसील कर्मचारी भी एसडीएम के समर्थन में अनशन पर बैठ गए हैं
आमने-सामने दो पक्ष: तहसील में ‘दोहरा’ अनशन
तहसील परिसर में आज उस समय माहौल गरमा गया जब एसडीएम भारत भार्गव (अथवा वर्तमान तैनात अधिकारी) के पक्ष में तहसील के लेखपाल और कर्मचारी लामबंद हो गए।
लेखपालों का तर्क: लेखपालों का आरोप है कि वकीलों द्वारा अनावश्यक दबाव बनाया जाता है और अभद्र व्यवहार किया जाता है। इसके विरोध में लेखपालों ने भी तहसील में ही अनशन शुरू कर दिया है।


वकीलों का आरोप: दूसरी तरफ, बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकील पिछले 12 दिनों से क्रमिक अनशन पर हैं। उनका आरोप है कि तहसील प्रशासन में भ्रष्टाचार व्याप्त है और अधिकारी समय पर कोर्ट नहीं लगाते।


कल से ‘तालाबंदी’ की तैयारी, जनता बेहाल
विवाद सुलझने के बजाय और गहराता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने एलान किया है कि कल से पूरी तहसील में तालाबंदी कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।


फरियादी परेशान: अधिकारियों, कर्मचारियों और वकीलों की इस खींचतान के बीच आम जनता और दूर-दराज से आए फरियादी सबसे ज्यादा पिस रहे हैं। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र से लेकर जमीन संबंधी मुकदमों के निस्तारण का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।


प्रशासनिक स्तर पर समाधान की कोशिशें तेज
एक ही परिसर में दो अलग-अलग अनशन होने से कानून व्यवस्था की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। जिले के वरिष्ठ अधिकारी इस गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों से वार्ता करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं है।

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