विधि संवाददाता,​ पीलीभीत। जनपद के कानून और व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में विशेष न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) अनु सक्सेना ने एक संगठित गिरोह बनाकर अपराध करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष, पांच माह और चार दिन के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
​अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 26 नवंबर 2022 का है जब थाना सुनगढ़ी के तत्कालीन एसएचओ कमल सिंह पुलिस बल के साथ आगामी निकाय चुनावों और शांति व्यवस्था के मद्देनजर क्षेत्र में गश्त पर थे। इस दौरान सूचना मिली कि ग्राम पिपरा (2) निवासी शंकर अपने साथी चेतराम और देवदत्त के साथ मिलकर एक संगठित गैंग चला रहा है। यह गिरोह अपने निजी और भौतिक लाभ के लिए अपराधों को अंजाम देता था, जिससे आम जनता में इस कदर भय और आतंक व्याप्त था कि कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ गवाही देने या विरोध करने का साहस नहीं जुटा पाता था।
​पुलिस द्वारा मामले की विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान आरोपी शंकर उर्फ सोनकर की पत्रावली को अलग कर विचारण किया गया। विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ल ने प्रभावी ढंग से अभियोजन पक्ष रखा और साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय ने पत्रावली का गहन अवलोकन करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शंकर को समाज में दहशत फैलाने और अपराध करने का दोषी मानते हुए जेल और जुर्माने की सजा से दंडित किया।

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