गजरौला (पीलीभीत)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कस्बे में पीलीभीत-पूरनपुर असम हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730) पर बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने हाईवे किनारे अवैध रूप से काबिज अतिक्रमणकारियों और व्यापारियों को तीन दिनों के भीतर कब्जा हटाने का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है। निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण न हटाने की स्थिति में विभाग द्वारा जबरन कब्जा हटाने की कार्रवाई करने और भारी जुर्माना वसूलने की कड़ी चेतावनी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि गजरौला कस्बे में असम हाईवे पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में लंबे समय से गहरा असंतोष व्याप्त था। इस अनियंत्रित अतिक्रमण के कारण क्षेत्र में आए दिन गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो रही थीं, जिनमें कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई के अधिकारियों ने गजरौला स्थित असम हाईवे पर बकायदा लाउडस्पीकर से मुनादी करवाकर सभी अतिक्रमणकारियों को सूचित किया था। इसमें उन्हें नाले को छोड़कर शेष सभी अवैध कब्जे स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे।
केंद्र से दोनों ओर 75 फीट का दायरा होगा खाली, एक्ट के तहत दर्ज होगा मुकदमा
इसी क्रम में बुधवार को एनएचएआई द्वारा गजरौला कस्बे में अतिक्रमणकारियों को दोबारा लिखित नोटिस वितरित किए गए। इन नोटिसों में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि हाईवे के केंद्र (सेंटर पॉइंट) से दोनों ओर 75 फीट तक की सीमा में किए गए सभी अस्थाई और स्थाई अतिक्रमणों को तीन दिन के भीतर हटाकर राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि को पूरी तरह खाली कर दिया जाए।
विभाग द्वारा जारी नोटिस में ‘कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवे (लैंड एंड ट्रैफिक) एक्ट 2002’ के गंभीर उल्लंघन का हवाला दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि हाईवे की भूमि पर दोनों तरफ किया गया अवैध निर्माण राष्ट्रीय संपत्ति का अनाधिकृत दुरुपयोग है, जो लगातार जानमाल के नुकसान और हादसों का सबब बन रहा है। एनएचएआई ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर अवैध निर्माण नहीं हटाए गए, तो विभाग ‘कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवे (लैंड एंड ट्रैफिक) एक्ट 2002’ की धारा 24 और 26 (2) के तहत कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। साथ ही, इसके बाद होने वाले किसी भी नुकसान या दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी स्वयं अतिक्रमणकारियों की होगी।