कानपुर। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के दावों की पोल खोल कर रख दी है। शहर के व्यस्ततम इलाकों में शुमार होने वाली 80 फीट रोड पर अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर धंस गया, जिससे वहाँ कई फीट गहरा और चौड़ा गड्ढा बन गया है। यह मुख्य सड़क गुमटी चौराहे से ब्रह्म नगर को आपस में जोड़ती है, जहाँ इस हादसे के बाद से भीषण जाम और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
जलभराव और ‘डॉट नाला’ बना बड़ी मुसीबत
- रिसाव से धंसी सड़क: स्थानीय लोगों और इंजीनियरों के मुताबिक, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सड़क पर भारी जलभराव हो गया था। पानी के रिसाव (लीकेज) की वजह से सड़क के नीचे की मिट्टी पूरी तरह बह गई और सड़क धंस गई।
- डॉट नाले का कहर: कानपुर में बरसों पुराना ‘डॉट नाला’ एक बार फिर राहगीरों के लिए बड़ी आफत साबित हो रहा है। हालत यह है कि प्रशासन और नगर निगम की टीम एक जगह सड़क ठीक करती है, तो नाले के दबाव और रिसाव के कारण दूसरी जगह सड़क धंस जाती है।

नगर निगम की घोर लापरवाही, बैरिकेडिंग के भरोसे छोड़ा
सड़क धंसने की इस गंभीर घटना के बाद कानपुर नगर निगम (KNN) के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इतने बड़े और खतरनाक गड्ढे को स्थायी रूप से ठीक करने या युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराने के बजाय, ज़िम्मेदार अधिकारियों ने गड्ढे के चारों ओर सिर्फ बैरिकेडिंग लगाकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।
हादसे को दावत देता मुख्य मार्ग
गुमटी चौराहे से ब्रह्म नगर जाने वाली यह सड़क बेहद चालू रूट है, जहाँ चौबीसों घंटे हज़ारों वाहनों का आवागमन रहता है। स्थानीय दुकानदारों और पार्षदों का कहना है कि जलभराव के चलते रात के अंधेरे में कोई भी बड़ा वाहन या बाइक सवार इस गहरे गड्ढे की चपेट में आ सकता है। जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बैरिकेडिंग का खेल बंद कर नाले की लीकेज को तुरंत ठीक किया जाए और सड़क का निर्माण कराया जाए।