आगरा। ताजनगरी की ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने कार रेंटल और हाईवे प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह भोली-भाली जनता से गाड़ियाँ किराए पर लेकर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के सहारे गिरवी रख देता था। पुलिस ने मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य फरार बताए जा रहे हैं।
ठगी का शातिराना तरीका:
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वे लोगों को हाईवे प्रोजेक्ट में गाड़ी लगवाने का झांसा देकर उनसे कार रेंटल पर लेते थे।

- विश्वास जीतने का खेल: शुरुआत के दो महीने वे कार मालिक को समय पर किराया देते थे ताकि उनका भरोसा जीता जा सके। इसके बाद वे पेमेंट बंद कर देते थे।
- फर्जीवाड़े का ‘ऐप’ कनेक्शन: आरोपी एक विशेष ऐप की मदद से आधार कार्ड में फोटो बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इन्हीं जाली कागजों के आधार पर वे गाड़ियों को 3 से 4 लाख रुपये में दूसरों के पास गिरवी रख देते थे।
पुलिस की बड़ी कामयाबी:
ट्रांस यमुना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए छापेमारी की और गिरोह के पास से 12 लग्जरी कारें, मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने कम कीमत के लालच में इन गिरवी रखी गाड़ियों को लिया था। फरार दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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