​पीलीभीत। जनपद की जीवनदायिनी गोमती नदी को पुनर्जीवित करने और उसकी अविरल धारा को सुनिश्चित करने के लिए एक बार फिर से युद्ध स्तर पर मुहिम शुरू हो गई है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की व्यक्तिगत पहल और दिशा-निर्देशन में शुरू हुए इस अभियान ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। गोमती उद्गम स्थल (फुलहर झील) से लेकर जिले के तमाम बहाव क्षेत्रों में पिछले पांच दिनों से निरंतर खुदाई और साफ-सफाई का कार्य जारी है, जिसका मुख्य उद्देश्य नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बहाल करना है।
​इस पुनीत कार्य का विधिवत शुभारंभ सामाजिक संगठन ‘नेकी की दीवार’ की अगुआई में हजारों लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की उपस्थिति में किया गया। जन-भागीदारी की इस अनूठी मिसाल में श्रमदान के जरिए नदी की सफाई की जा रही है। अभियान को प्रशासनिक और तकनीकी मजबूती देने के लिए खनन विभाग, खाद्य विवरण विभाग और परिवहन विभाग भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से, इन विभागों ने अब तक कार्य में लगी जेसीबी मशीनों के शुल्क का वहन कर इस अभियान को गति प्रदान की है। प्रशासन ने इस कार्य में जनपद के राजनीतिज्ञों, समाजसेवियों और अन्य स्वयंसेवी संगठनों से भी व्यापक सहयोग की अपील की है।


​अभियान की निरंतरता को बनाए रखने के लिए आगामी 20 मई को गोमती गुरुद्वारा के समीप एक विशेष ‘गोमती दर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। ‘नेकी की दीवार’ के संस्थापक गुरमेल सिंह ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम के दौरान सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और पुलिस के जवान गोमती गुरुद्वारा घाट पर एकत्रित होकर न केवल श्रमदान करेंगे, बल्कि नदी के संरक्षण के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराएंगे।
​प्रशासनिक स्तर पर इस पूरी मुहिम की सूक्ष्म निगरानी की जा रही है। कलीनगर के उप जिलाधिकारी प्रमेश कुमार स्वयं मौके पर रहकर कार्य का निर्देशन कर रहे हैं, जबकि गोमती ट्रस्ट के राममूर्ति सिंह और निर्भय सिंह पल-पल की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। ‘नेकी की दीवार’ के स्वयंसेवक व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं और जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह प्रतिदिन इस अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि गोमती की धारा को बिना किसी अवरोध के प्रवाहित किया जा सके।

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