लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का आज सुबह निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से परिवार, समर्थकों और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रतीक यादव हमेशा राजनीति से दूर रहे और अपना अधिकांश समय व्यवसाय, फिटनेस और जिम संचालन में बिताते थे। लखनऊ में उनके कई जिम संचालित थे और वह खुद भी फिटनेस ट्रेनर के रूप में जाने जाते थे। उनका सार्वजनिक जीवन भले ही राजनीति से अलग रहा हो, लेकिन समाजवादी परिवार से जुड़े होने के कारण वह अक्सर चर्चा में रहते थे।
वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर लोकसभा चुनाव में प्रतीक यादव को आजमगढ़ से टिकट देने की मांग की थी। उस समय उनकी मां साधना गुप्ता और चाचा शिवपाल यादव ने भी इसका समर्थन किया था, लेकिन बाद में उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र थे। मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक रूप से कई बार प्रतीक यादव को अपना बेटा बताया था।
प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं। दोनों ने वर्ष 2011 में प्रेम विवाह किया था। उनका विवाह समारोह इटावा के सैफई में धूमधाम से आयोजित किया गया था, जिसमें मुलायम सिंह यादव सहित कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां शामिल हुई थीं।
प्रतीक यादव को महंगी और स्पोर्ट्स कारों का बेहद शौक था। उन्हें कई बार लखनऊ की सड़कों पर लग्जरी कार चलाते हुए देखा गया था। फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर उनकी एक अलग पहचान थी।
प्रतीक यादव के निधन के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, “श्री प्रतीक यादव जी का निधन, अत्यंत दुखद! ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि!”