रायबरेली (लालगंज)। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में कपड़ा व्यापारी पर हुए हमले के मामले में लालगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुज त्रिवेदी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। हालांकि, मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने जांच के बाद पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए लूट के आरोपों को पूरी तरह से निराधार और असत्य करार दिया।
क्या था पूरा मामला?
बीते गुरुवार की रात तौधकपुर के रहने वाले कपड़ा व्यापारी वेद प्रकाश त्रिवेदी जब अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तब उन पर हमला हुआ था। व्यापारी के पुत्र प्रशांत त्रिवेदी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि गांव के ही कुछ लोगों ने उनके पिता के साथ मारपीट की और उनके पास मौजूद नकदी व सामान लूट लिया। इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में काफी रोष था।
पुलिस की कार्रवाई और खुलासा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लालगंज पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की। पुलिस द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया कि:
- आपसी रंजिश: यह हमला किसी लूट के इरादे से नहीं, बल्कि आपसी रंजिश और विवाद के कारण हुआ था।
- लूट का दावा गलत: रायबरेली पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान लूट की घटना की पुष्टि नहीं हुई है और यह आरोप असत्य पाया गया है।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य अभियुक्त अनुज त्रिवेदी को धर दबोचा है।
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
भले ही लूट का आरोप गलत पाया गया हो, लेकिन व्यापारी के साथ की गई मारपीट और हमले को लेकर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। लालगंज पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।