​पीलीभीत। जनपद में मोटरसाइकिलों के साइलेंसर को मॉडिफाई कर तेज ध्वनि और पटाखा जैसी आवाज उत्पन्न करने वाले वाहनों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में शनिवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जनपद के प्रमुख गैराज संचालकों और दोपहिया वाहन डीलरों के सर्विस सेंटर प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने दोटूक शब्दों में कहा कि वाहनों के साइलेंसर में किसी भी तरह का बदलाव करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।
​बैठक के दौरान एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तीव्र और कर्कश ध्वनि बच्चों, बुजुर्गों और विशेषकर हृदय रोगियों के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होती है। इसके अलावा, सड़कों पर अचानक पटाखों जैसी आवाज से अन्य वाहन चालकों का ध्यान भटकता है, जो जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनता है। इसी मानवीय और कानूनी पहलू को देखते हुए सभी गैराज और वर्कशॉप संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी वाहन में निर्धारित मानक से अधिक डेसीबल वाले साइलेंसर न लगाएं।


​प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि चेकिंग के दौरान कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो केवल वाहन मालिक ही नहीं, बल्कि उस गैराज संचालक पर भी विधिक कार्रवाई की जाएगी जिसने साइलेंसर को मॉडिफाई किया है। इस अभियान के तहत जिले में अब तक दो वाहनों का चालान किया जा चुका है। बैठक के पश्चात एआरटीओ ने स्वयं विभिन्न वर्कशॉप का स्थलीय निरीक्षण कर संचालकों को कड़ी हिदायत दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह विशेष चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि शहर को ध्वनि प्रदूषण और खतरनाक स्टंटबाजी से मुक्त रखा जा सके।

(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *