कानपुर। जनपद के रेउना थाना क्षेत्र में पुलिस ने ‘जामताड़ा स्टाइल’ में चल रहे एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस को चौकाने वाली जानकारियां मिली हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि ठगों ने बैंकिंग प्रणाली में सेंध लगाकर लाखों के ट्रांजेक्शन किए हैं।
म्यूल अकाउंट्स और पावती (Acknowledgement) नंबर से खुला राज:
जांच के दौरान पुलिस ने 12 म्यूल अकाउंट्स (दूसरों के नाम पर खोले गए खाते) की पहचान की है। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘एकनॉलेजमेंट नंबर’ के जरिए पुलिस इन तक पहुँचने में सफल रही। बैंकों से जुटाई गई डिटेल, खाता खोलने की तारीख और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि इन खातों के जरिए अब तक 38,25,809 रुपये का अवैध लेन-देन (ट्रांजेक्शन) किया जा चुका है।
जेल से जुड़ा है नेटवर्क:
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला जेल में बंद आरोपी अशोक से जुड़ा हुआ है। पुलिस को सूचना मिली थी कि अशोक की पत्नी इन खातों से ठगी की रकम निकाल रही है। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सक्रियता दिखाई और विभिन्न बैंक खातों में मौजूद 6.50 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं।
रेउना पुलिस की सक्रियता:
रेउना थाना पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और अशोक की पत्नी की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों के साइबर अपराधियों से भी जुड़े हो सकते हैं।
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