पीलीभीत। जनपद में आगामी त्योहारों, महत्वपूर्ण दिवसों और प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ज्ञानेन्द्र सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है। यह आदेश 07 मार्च 2026 से प्रभावी होकर आगामी 03 मई 2026 तक पूरे जनपद में लागू रहेगा। प्रशासन को विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व आपसी वैमनस्य फैलाकर लोक शांति भंग करने का प्रयास कर सकते हैं, जिसे रोकने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
​आदेश के अनुसार, आगामी महीनों में ईद-उल-फितर, रामनवमी, महावीर जयंती, गुड फ्राइडे, डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा और शाहजी मियां के उर्स जैसे महत्वपूर्ण पर्व आयोजित होने हैं। इस अवधि में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के बिना अनुमति एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार के जुलूस, जनसभा या जलसे का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी धार्मिक स्थल या समारोह में कोई भी नई परंपरा नहीं डाली जाएगी।
​सुरक्षा मानकों को कड़ा करते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने लाठी, डंडा, आग्नेयास्त्र (बंदूक, रिवल्वर, पिस्टल), तलवार या 4 इंच से अधिक लंबे चाकू लेकर चलने और उनके प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। केवल कर्तव्य पर तैनात सरकारी कर्मचारियों, लाठी का सहारा लेने वाले वृद्धों और कृपाण धारण करने वाले सिखों को इसमें छूट दी गई है। साथ ही, छतों या सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा के उद्देश्य से ईंट, पत्थर, तेजाब या विस्फोटक सामग्री का संग्रह करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।

​ध्वनि प्रदूषण और अफवाहों पर नियंत्रण के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बिना अनुमति लाउडस्पीकर का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा और रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक इनके उपयोग पर पूर्ण रोक होगी। अस्पताल, शिक्षण संस्थान और न्यायालय के 100 मीटर के दायरे को ‘शांत क्षेत्र’ घोषित किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भड़काऊ भाषण, पोस्टर या अफवाहें नहीं फैलाएगा। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना भी प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्यायिक संहिता की धारा 223 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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