पीलीभीत। पुष्प इंस्टीट्यूट ने अपने २१ वर्षों के उत्कृष्ट शैक्षणिक सफर में ३२ स्वर्ण पदक प्राप्त कर शिक्षा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए आयोजित सम्मान समारोह में सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी आलोक शर्मा ने विश्वविद्यालय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनकी मेधा को सराहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ, जिसके उपरांत संस्थान के निदेशक अनुज भटनागर ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान पी.पी.टी. के माध्यम से महाविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट और उपलब्धियों का सजीव प्रदर्शन किया गया, जो संस्थान की निरंतर उन्नति का प्रमाण बना।
समारोह को संबोधित करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने विद्यार्थियों को अच्छे नागरिक बनने और संवैधानिक मूल्यों के पालन की सीख दी, साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भरता हेतु ‘स्व-रोजगार’ को अपनाने पर विशेष बल दिया। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आलोक शर्मा ने बेटियों की इस सफलता को देश की नारी शक्ति की आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए संस्थान के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। आयोजन में न केवल छात्रों, बल्कि जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाचार्यों को भी शिक्षा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। संस्थान की वैचारिक नींव को मजबूती देते हुए निदेशक डॉ. एस.पी.एस. संधू ने कहा कि “संस्था एक स्थाई उपक्रम है और हम सब इसके माध्यम से ही अपनी पहचान पाते हैं।”
कार्यक्रम के अंतिम चरण में, निदेशक अनुज भटनागर ने इन ३२ स्वर्ण पदकों का श्रेय छात्र-छात्राओं के कठिन परिश्रम, अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। चेयरमैन हरप्रसाद जायसवाल एवं ट्रस्टी विकास जायसवाल के सम्मान स्वरूप उनके प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। अंत में ट्रस्टी सतीश जायसवाल ने संस्थान के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। अरीना खान व सरोज कुमारी के कुशल संचालन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. मो. सलीम और उप-प्राचार्या डॉ. गीतिका शुक्ला ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।