​पीलीभीत। जनपद के खमरिया पुल स्थित परम अक्रिय धाम अलखेश्वर महादेव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य वार्षिकोत्सव एवं संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए दर्जनों महामंडलेश्वरों, श्री महंतों और ऋषिकेश-हरिद्वार के प्रमुख संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म और राष्ट्र जागरण का संदेश देते हुए संतों ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। बरखेड़ा विधानसभा सहित हाथरस, बाराबंकी, बरेली और शाहजहांपुर से आए श्रद्धालुओं ने संतों की अमृतवाणी का रसास्वादन किया और मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


​कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में पंचायती अखाड़ा निर्मल हरिद्वार के महामंडलेश्वर ज्ञानदेव सिंह महाराज, उन्नाव के सांसद एवं महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज, ऋषिकेश से प्रपन्नाचार्य महाराज, स्वामी आलोक हरि महाराज, और पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के शिवानंद महाराज शामिल रहे। इनके साथ ही जोधपुर से ज्ञानस्वरूपानंद महाराज, हरिपुर हरिद्वार से हरि चेतनानंद महाराज, बागपत से भइयादास महाराज और हरियाणा से दयानंद सरस्वती महाराज ने भी सभा को संबोधित किया।
अपने संबोधन में स्वामी साक्षी महाराज और श्री महंत ज्ञानदीप महाराज ने कहा कि अलखेश्वर महादेव मंदिर आने वाले समय में पीलीभीत की विशिष्ट आध्यात्मिक पहचान बनेगा। उन्होंने विकसित भारत की परिकल्पना में ऐसे सांस्कृतिक केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।


​आयोजन के अंत में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के आयोजक एवं मंदिर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी प्रवक्तानंद ने बाहर से पधारे सभी महामंडलेश्वरों, पंचायती निर्मल अखाड़ा के श्री महंतों और अन्य संतों को उपहार एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। संतों के इस समागम और भव्य आयोजन की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

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