सितारगंज। सितारगंज-किच्छा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आरके ढाबे के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मां और उसकी मासूम बेटी की मौत के मामले में पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार करने के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे मुकेश कुमार की पत्नी मीनू देवी (34) अपनी दो बेटियों अनिष्का (7) और राधिका (10) के साथ पैरेंट्स मीटिंग में शामिल होने के लिए घर से निकली थीं। सितारगंज-किच्छा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आरके ढाबे के पास तीनों सड़क किनारे खड़ी होकर टुक-टुक का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान किच्छा की ओर से आ रही टोयोटा इटियोस कार संख्या UP14BX0039 ने उन्हें टक्कर मार दी।
पुलिस के मुताबिक, कार चालक पर वाहन तेज गति और लापरवाही से चलाने का आरोप है। हादसे में मीनू देवी और उनकी बेटी अनिष्का को गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते दोनों की मौत हो गई। वहीं, दूसरी बेटी राधिका इस हादसे में बच गई।
मामले में मुकेश कुमार की तहरीर के आधार पर कोतवाली सितारगंज में मुकदमा अपराध संख्या 573/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) और 281 में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कार चालक हरभाग सिंह (52) को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी हरभाग सिंह पुत्र दर्शन सिंह, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर थाना क्षेत्र के लखमीपुर का निवासी है। उसका वर्तमान पता खादलपुर, थाना बिलासपुर, जनपद रामपुर बताया गया है।
हादसे में पत्नी और एक बेटी को खोने के बाद मुकेश कुमार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, मां और बहन को अपनी आंखों के सामने खोने वाली राधिका भी गहरे सदमे में है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
पुलिस की इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा, एसएसआई जावेद मलिक, विवेचक उपनिरीक्षक बलबीर सिंह, उपनिरीक्षक बबीता टम्टा, अपर उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह दानू, हेड कांस्टेबल मनोज गवाल, हेड कांस्टेबल दया प्रकाश धोनी, कांस्टेबल प्रेम कनवाल और कांस्टेबल ज्योति शर्मा शामिल रहे।