सितारगंज। सरकारी कांटों पर नियमित धान खरीद नहीं होने और उपज में अधिक कटौती से नाराज किसानों ने हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। किसानों ने करीब आधे घंटे तक सड़क पर जाम लगाए रखा और व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश जताया।
आरोप लगाया है कि एक सरकारी कांटे पर प्रतिदिन 400 क्विंटल धान खरीदने की अनुमति है, इसके बाद भी किसानों की उपज की नियमित तौल नहीं की जा रही है। जिस कारण उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, कच्चे आढ़तियों ने भी एक दिन धान खरीद कर तौल रोक दी। इस दौरान धान में अधिक कटौती किए जाने से भी किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सोमवार को अवस्थाओं को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि सितारगंज में तीन विभागों के करीब 24 सरकारी कांटे लगाए गए है लेकिन, किसी भी कांटे पर नियमित खरीद नहीं हो रही है। किसानों को उपज लेकर मंडी में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनके समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा है। इधर, कच्चे आढ़तियों के यहां भी धान खरीद नहीं होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जिसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, पालिकाध्यक्ष सुखदेव सिंह, ब्लाक प्रमुख उपकार सिंह बल और तहसीलदार हिमांशु जोशी ने किसानों, राइस मिलर्स और अधिकारियों के बीच मध्यस्थता की उन्होंने किसानों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा और समाधान के लिए कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा तथा एडीएम पंकज उपाध्याय से वार्ता की। बातचीत के बाद सहमति बनने पर सरकारी कांटों पर धान की खरीद शुरू हुई। हालांकि, तौल के दौरान धान में की जा रही कटौती को लेकर किसानों ने फिर आपत्ति जताई। इस पर किसानों से धान सुखाकर कच्चे आढ़तियों को देने की अपील की गई, ताकि नमी के कारण होने वाली कटौती कम की जा सके।