रुद्रपुर। ट्रांजिट कैंप पुलिस ने मोबाइल फोन झपटमारी की घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की हीरो स्प्लेंडर बाइक को भी कब्जे में लिया गया है। कार्रवाई एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार, नौ सितंबर को ट्रांजिट कैंप निवासी राजेंद्र निषाद उर्फ मोनू ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि वह सिडकुल ढाल स्थित परशुराम चौक के पास मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने उनका मोबाइल झपट लिया और फरार हो गए।
शिकायत के आधार पर ट्रांजिट कैंप थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक जितेंद्र खत्री को सौंपी गई। पुलिस टीम ने सुरागरसी और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की।
13 सितंबर की शाम मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गंगापुर रोड स्थित पानी वाली मंदिर के पास दबिश दी। पुलिस को देखकर बाइक सवार दोनों युवक भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया।
पूछताछ और तलाशी के दौरान रामकिशन उर्फ रामू के कब्जे से एक ओपो मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल की पहचान मुकदमे में छीने गए फोन के रूप में हुई। वहीं सागर राजपूत उर्फ खत्री के पास से चार अन्य मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक भी कब्जे में ले ली।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर राजपूत उर्फ खत्री (19), निवासी महालक्ष्मी फेस-2, ट्रांजिट कैंप और रामकिशन उर्फ रामू (19), निवासी संजयनगर खेड़ा, ट्रांजिट कैंप के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों मूल रूप से क्रमशः नैनीताल और पीलीभीत जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। मामले में बरामद अन्य मोबाइल फोन के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सोलंकी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मुकेश मिश्रा, उपनिरीक्षक जितेंद्र खत्री, अपर उपनिरीक्षक चंद्रप्रकाश बवाड़ी, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार और कांस्टेबल हिमांशु शामिल रहे।