रुद्रपुर। महानगर की उदीयमान कवयित्री निकेता पाहुजा को राजभाषा हिंदी के प्रति उनके प्रेम, समर्पण और हिंदी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘हिंदी हितैषी सम्मान’ से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति की ओर से प्रदान किया गया।
बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति नवोदित और स्थापित साहित्यकारों को मंच उपलब्ध कराने के साथ हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए लगातार कार्य कर रही है। संस्था की ओर से समय-समय पर बड़े साहित्यिक आयोजनों का आयोजन किया जाता है। संस्था द्वारा अब तक तीन बार विश्व कीर्तिमान स्थापित किए जाने की भी जानकारी दी गई है।
निकेता पाहुजा की कहानियां और कविताएं देश-विदेश के विभिन्न समाचार पत्रों तथा साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनकी सक्रियता लगातार बनी हुई है।
उनकी लिखी पुस्तक ‘अनदेखी मोहब्बत’ भी अमेजन पर उपलब्ध है। हिंदी साहित्य के प्रति उनके योगदान और सक्रियता को देखते हुए उन्हें ‘हिंदी हितैषी सम्मान’ मिलने पर स्थानीय साहित्यकारों, इष्ट-मित्रों और कला प्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
सम्मान मिलने पर शुभचिंतकों और साहित्य प्रेमियों ने निकेता पाहुजा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की।
