बदायूँ। उत्तर प्रदेश के बदायूँ जनपद अंतर्गत सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर प्रकाश में आई है। यहाँ जिला कारागार में डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसे संगीन मामलों में निरुद्ध एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में उपचार के दौरान मौत हो गई। कारागार के भीतर कैदी की मृत्यु की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे में खलबली मच गई। मृतक बंदी की पहचान ओमवीर के रूप में हुई है, जो पिछले करीब दो महीनों से बदायूँ जिला जेल में न्यायिक अभिरक्षा में बंद था।
प्राप्त विवरण के अनुसार, मृतक ओमवीर को विगत 25 मई को थाना सिविल लाइन पुलिस और स्वाट टीम के साथ हुई एक मुठभेड़ के बाद अवैध हथियारों और लूट के माल के साथ गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय के आदेश पर उसे जिला जेल भेज दिया गया था। जेल अधिकारियों के मुताबिक, बंदी ओमवीर पिछले कुछ दिनों से शारीरिक रूप से अस्वस्थ चल रहा था, जिसके चलते उसे कारागार के ही चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार किया जा रहा था। बुधवार को अचानक उसकी तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई, जिसके बाद जेल के डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी की, परंतु इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन, पुलिस उच्चाधिकारियों और मृतक के परिजनों को दे दी गई है। कैदी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों ने जेल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार कैदी की मौत के मामले में पंचायतनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित की जाएगी। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों स्पष्ट हो सकेंगे, जिसके आधार पर आगे की विधिक व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।