ग्वालियर/महाराजपुरा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के अंतर्गत आने वाले महाराजपुरा थाना क्षेत्र में रहने वाले उद्योग विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक बेहद गंभीर और नया मामला प्रकाश में आया है। यहाँ शातिर साइबर अपराधियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर ‘पेंशन कार्ड’ बनाने का फर्जी विज्ञापन पोस्ट कर रिटायर्ड अधिकारी को अपने जाल में फंसाया और व्हाट्सएप के जरिए एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल करवाकर उनका पूरा मोबाइल फोन हैक कर लिया। मोबाइल हैक होते ही ठगों ने पीड़ित के नेट बैंकिंग और बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच बना ली और महज कुछ ही मिनटों के भीतर उनके खाते से तीन किश्तों में कुल 1 लाख 73 हजार रुपये की शासकीय जमापूंजी उड़ा दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराजपुरा थाना क्षेत्र के दीनदयाल (डीडी) नगर निवासी पीड़ित अनूप कुमार चौबे उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त हैं और अपनी पेंशन के सिलसिले में इंटरनेट पर जानकारी तलाश रहे थे। इसी दौरान उन्हें फेसबुक पर पेंशन कार्ड संबंधी एक आकर्षक विज्ञापन का लिंक दिखाई दिया, जिस पर क्लिक कर उन्होंने अपनी प्राथमिक जानकारियां दर्ज कर दीं। इसके तुरंत बाद अज्ञात ठगों ने उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर खोलने के लिए कहा। जैसे ही अनूप कुमार चौबे ने उक्त एपीके फाइल को अपने एंड्रॉयड फोन में खोला, उनका फोन पूरी तरह फ्रीज (हैक) हो गया और ठगों ने उनके खाते से पहली किश्त में बड़ी रकम और उसके बाद दो और ट्रांजैक्शन कर कुल ₹1,73,000 की राशि अज्ञात खातों में डाइवर्ट कर दी।

खाते से जीवन भर की कमाई साफ होने के बाद पीड़ित अनूप कुमार चौबे ने तत्काल महाराजपुरा थाना पुलिस और ग्वालियर रेंज की विशेष साइबर क्राइम सेल यूनिट से संपर्क स्थापित कर लिखित तहरीर सौंपी। महाराजपुरा थाना प्रभारी ने बताया कि प्रार्थी की शिकायत और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर अज्ञात साइबर जालसाजों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। साइबर सेल के तकनीकी विशेषज्ञों ने उन बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स को चिन्हित कर फ्रीज (होल्ड) कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई थी, ताकि पीड़ित के पैसे वापस मिल सकें।


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