नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के अंतर्गत आने वाली एंटी गैंगस्टर स्क्वाड (AGS) ने मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में सक्रिय संगठित रंगदारी रैकेट के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ने विदेशों में छिपे कुख्यात गैंगस्टरों के इशारे पर काम करने वाले गोल्डी बराड़ और लिपिन नेहरा आपराधिक सिंडिकेट के दो सक्रिय और मुख्य शूटरों को धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए इन दोनों आरोपियों की पहचान रिंकू और हितेश के रूप में हुई है, जो पिछले काफी समय से दिल्ली और हरियाणा पुलिस के रडार पर चल रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने से पहले कड़े सुरक्षा घेरे में रखकर पूछताछ शुरू कर दी है।

क्राइम ब्रांच के उपायुक्त (DCP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बड़े ऑपरेशन की सत्यता और विवरण साझा करते हुए बताया कि खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में दोनों अभियुक्तों के पास से 6 अत्याधुनिक अवैध हथियार (फायरआर्म्स) और 8 जिंदा कारतूस भारी मात्रा में बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने वारदात और फरारी में इस्तेमाल की जा रही एक टोयोटा हिलक्स लग्जरी गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि इन दोनों आरोपियों ने विदेशी हैंडलर लिपिन नेहरा के सीधे निर्देश पर कुछ दिन पूर्व ही हरियाणा के एक बड़े शराब कारोबारी/व्यापारी से फोन कर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी और रकम न देने पर उनके परिवार को बम से उड़ाने की धमकी दी थी।

इस सनसनीखेज मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने आर्म्स एक्ट और जबरन वसूली की गंभीर धाराओं के तहत नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तकनीकी सर्विलांस से यह साफ हुआ है कि आरोपी रिंकू और हितेश सीधे इंटरनेट कॉलिंग के जरिए कनाडा और अन्य देशों में बैठे गैंगस्टर्स के संपर्क में थे और भारत में हथियारों की सप्लाई लाइन को मजबूत कर रहे थे। दिल्ली पुलिस अब हरियाणा पुलिस की क्राइम यूनिट से भी संपर्क साध रही है ताकि इस 1 करोड़ की रंगदारी वाले मामले में इनके अन्य स्थानीय मददगारों, नेटवर्क और फाइनेंसर्स का पता लगाया जा सके और इस पूरे इंटरनेशनल सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ा जा सके।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi