लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को एक नई व ऐतिहासिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से सोमवार को राज्य को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लखनऊ और कानपुर के मध्य कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले बहुप्रतीक्षित ‘कानपुर-लखनऊ 6-लेन एक्सप्रेसवे’ का कल आधिकारिक रूप से भव्य लोकार्पण किया जाएगा। कुल ₹4200 करोड़ की विधिक व प्रशासनिक लागत से तैयार की गई यह महा-परियोजना दोनों महानगरों के बीच व्यापारिक और आवागमन के विज़न को पूरी तरह बदल देगी। इसके शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर अब मात्र 40 मिनट के करीब रह जाएगा।
हरदोई-लखनऊ एनएच का लोकार्पण और इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बनेगा नया फ्लाईओवर
प्राप्त प्रामाणिक और आधिकारिक विवरण के अनुसार, कल आयोजित होने वाले इस वृहद विकास कार्यक्रम के दौरान इस एक्सप्रेसवे के साथ-साथ ‘हरदोई-लखनऊ नेशनल हाईवे (NH) पैकेज-4’ का भी विधिक लोकार्पण संपन्न होगा, जिससे हरदोई और आसपास के जनपदों की राह सुगम हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, राजधानी लखनऊ के यातायात को सुचारू बनाने और जाम की समस्या के स्थाई निवारण हेतु इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर एक आधुनिक ‘4-लेन फ्लाईओवर’ का शिलान्यास भी मुख्य मंच से किया जाएगा। इन सभी एकीकृत सड़क परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राजधानी लखनऊ और कानपुर कमिश्नरेट का संपूर्ण यातायात ढांचा अत्यधिक हाई-टेक हो जाएगा।
डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक हब को मिलेगी रफ्तार, अर्थव्यवस्था को होगा बड़ा लाभ
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस 6-लेन एक्सप्रेसवे के विधिक संचालन से उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘डिफेंस कॉरिडोर’ (Defense Corridor) और दोनों शहरों के मध्य विकसित हो रहे ‘लॉजिस्टिक्स हब’ को अभूतपूर्व गति प्राप्त होगी। यह एक्सप्रेसवे उद्योगों के कच्चे माल और तैयार उत्पादों के तीव्र परिवहन को सुनिश्चित करेगा, जिससे न केवल बड़े उद्योगों बल्कि स्थानीय किसानों और छोटे दुग्ध व एग्री-बिजनेस को भी सीधा आर्थिक लाभ पहुँचेगा। बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी स्थापित होने से जहां वाहनों के ईंधन और समय की भारी बचत होगी, वहीं उत्तर प्रदेश की वन-ट्रिलियन इकोनॉमी के विधिक संकल्पों को भी एक बड़ा और व्यावहारिक संबल प्राप्त होगा।