नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा लगाए गए उन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उनकी तीव्र भर्त्सन की है, जिसमें उन्होंने भाजपा पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकॉ) के विधायकों को प्रलोभन देकर अपने पक्ष में करने (हॉर्स ट्रेडिंग) का प्रयास करने की बात कही थी। रविवार को देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित एक आधिकारिक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस बयान को अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा बिना किसी प्रामाणिक तथ्य के ऐसा लांछन लगाना विधिक रूप से निंदनीय है।
अक्षमता और कुप्रशासन को छिपाने का प्रयास: भाजपा
प्राप्त प्रामाणिक और आधिकारिक विधिक विवरण के अनुसार, भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने जम्मू-कश्मीर सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला घाटी में अपनी सरकार की प्रशासनिक अक्षमता, विकास कार्यों की विफलता और कुप्रशासन को छिपाने के लिए इस प्रकार के मनगढ़ंत हथकंडे अपना रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि स्थानीय जनता बुनियादी मुद्दों और वादों पर सरकार से जवाब न मांग सके, इसीलिए इन संवेदनशील मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से पूरी तरह से निराधार और काल्पनिक आरोप लगाए जा रहे हैं।
साक्ष्य प्रस्तुत करने या सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के समक्ष दो विधिक और राजनैतिक विकल्प रखते हुए कड़ी मांग की कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री या तो तुरंत इन आरोपों के समर्थन में अकाट्य और विश्वसनीय साक्ष्य (डिजिटल या भौतिक सबूत) देश की जनता और मीडिया के समक्ष प्रस्तुत करें, अन्यथा अपने इस अमर्यादित व भ्रामक बयान के लिए सार्वजनिक रूप से भारतीय जनता पार्टी और देश से माफी मांगें। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तीखे बयानबाजी के बाद दिल्ली से लेकर श्रीनगर तक दोनों दलों के मध्य राजनैतिक गतिरोध और अधिक तीव्र होने की संभावना है। भाजपा संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं और शुचिता के खिलाफ किसी भी असत्य विमर्श को बर्दाश्त नहीं करेगी।