मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में संगठित अपराध और साइबर ठगी के माध्यम से अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले अपराधियों के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी (CO) संग्राम सिंह और स्थानीय थाना प्रभारी की संयुक्त विधिक टीम ने लोहिया नगर क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत विधिक मुनादी कराते हुए कुख्यात साइबर अपराधी और गैंगस्टर अलाउद्दीन की अनुमानित 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध अचल संपत्तियों को कुर्क कर ज़ब्त कर लिया है। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य अपराधियों में हड़कंप व्याप्त है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी से खड़ा किया था साम्राज्य, यूपी व राजस्थान में दर्ज हैं केस
प्राप्त प्रामाणिक और विधिक जानकारी के अनुसार, आरोपी अलाउद्दीन एक बेहद शातिर अंतर-राज्यीय साइबर अपराधी है, जिसने एक संगठित गिरोह बनाकर देश के विभिन्न हिस्सों में मासूम नागरिकों को ऑनलाइन लॉटरी, लोन और बैंकिंग फ्रॉड का शिकार बनाया था। इस अवैध और अनैतिक व्यापार से अर्जित किए गए पैसों का इस्तेमाल उसने मेरठ के लोहिया नगर में कीमती भूखंड और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में किया था। विधिक रिकॉर्ड के मुताबिक, गैंगस्टर अलाउद्दीन के खिलाफ उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों में धोखाधड़ी, आईटी एक्ट, जालसाजी और संगीन धाराओं के तहत 6 से अधिक आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं, जिनमें वह वांछित व जेल जा चुका है।
ढोल-नगाड़ों के साथ पुलिस ने की कुर्की, विधिक बोर्ड किया स्थापित
शनिवार दोपहर भारी पुलिस बल के साथ लोहिया नगर पहुंचे सीओ संग्राम सिंह ने स्थानीय राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में विधिक कुर्की की प्रक्रिया को पूर्ण कराया। पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई और डुग्गी पिटवाकर आम जनता को सूचित किया कि संबंधित संपत्ति अब सरकारी विधिक नियंत्रण में है और इसकी खरीद-फरोख्त पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके पश्चात, पुलिस ने मुख्य द्वारों को सील करते हुए वहां सरकारी जब्ती का बोर्ड स्थापित कर दिया। मेरठ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक और साइबर अपराध के जरिए समाज को नुकसान पहुंचाने वाले माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इसी प्रकार की कठोर दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।