चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद अंतर्गत मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ा और हृदयविदारक हादसा सामने आया है। जीटी रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण परियोजना के तहत सड़क किनारे स्थित एक पुराने काली मंदिर को हटाने (ध्वस्तीकरण) का कार्य चल रहा था। इसी दौरान मंदिर का ऊपरी गुंबद अचानक अनियंत्रित होकर भरभराकर ढह गया। इस मलबे की सीधे चपेट में आने से वहां ड्यूट पर तैनात लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक वरिष्ठ कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वहां मौजूद एक अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद जीटी रोड पर भारी भीड़ एकत्र हो गई।

सड़क चौड़ीकरण के दौरान हुआ हादसा, केबिन में फंसे कर्मी ने तोड़ा दम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी दर्दनाक घटना मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र से गुजरने वाले व्यस्त जीटी रोड पर घटित हुई। यहाँ लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख में सड़क को चौड़ा करने के लिए अतिक्रमण और संरचनाओं को हटाने का अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में जब मशीनरी और श्रमिकों की मदद से काली मंदिर के ढांचे को ढहाया जा रहा था, तभी बिना किसी पूर्व चेतावनी के मंदिर का विशाल गुंबद सीधे नीचे आ गिरा। मलबे के भारी दबाव के कारण वहां काम कर रहे 58 वर्षीय पीडब्ल्यूडी कर्मचारी झुमरी उर्फ बलदेव की मौके पर ही मौत हो गई।

सुरक्षा कारणों से कार्य रोका गया, मामले की जांच शुरू
हादसे की सूचना मिलते ही मुगलसराय कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों की मदद से मलबे को हटवाकर मृतक कर्मचारी के शव को बाहर निकाला और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल दूसरे व्यक्ति को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है। जिला प्रशासन ने घटना की गंभीरता और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए फिलहाल मंदिर ध्वस्तीकरण और सड़क निर्माण के कार्य को आगामी आदेश तक पूरी तरह से रोक दिया है। उच्चाधिकारियों ने इस हादसे के पीछे सुरक्षा मानकों में हुई लापरवाही की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।