हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में स्थित पवित्र धार्मिक स्थल ब्रजघाट गंगा तट पर गुरुवार की शाम वैश्विक कूटनीति और भारतीय सनातन संस्कृति का एक बेहद सुंदर समन्वय देखने को मिला। भारत में नॉर्वे की राजदूत मे. ऐलिन स्टेनर अपने पारिवारिक दौरे के तहत प्रसिद्ध तीर्थनगरी ब्रजघाट पहुंचीं। इस दौरान उनके पति एसपिन आसेन और अन्य पारिवारिक सदस्य भी मुख्य रूप से उनके साथ मौजूद रहे। नॉर्वे की राजदूत ने ब्रजघाट के मुख्य घाट पर पहुंचकर मां गंगा के दर्शन किए और वहां आयोजित होने वाली प्रसिद्ध सांध्य आरती में पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ सम्मिलित हुईं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की पूजा-अर्चना, पुरोहितों ने किया स्वागत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विदेशी राजनयिक के ब्रजघाट आगमन को लेकर स्थानीय पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और तीर्थ पुरोहित समाज द्वारा सुरक्षा व स्वागत के कड़े प्रबंध किए गए थे। गंगा तट पर पहुंचने पर वैदिक विद्वानों और पुरोहितों ने अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर विदेशी मेहमानों का पारंपरिक तरीके से स्वागत व अभिनंदन किया। इसके पश्चात, मुख्य आरती के समय नॉर्वे की राजदूत मे. ऐलिन स्टेनर और उनके पति एसपिन आसेन ने मुख्य वेदी पर बैठकर दीप प्रज्ज्वलित किया। उन्होंने पुरोहितों के निर्देशन में मां गंगा की सांध्य महा-आरती उतारी और लोक कल्याण व शांति की कामना की।
भारतीय संस्कृति और गंगा की भव्यता देख अभिभूत हुए विदेशी मेहमान
आरती के दौरान बज रहे शंख, घड़ियाल और मां गंगा के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा, जिसे देखकर नॉर्वे की राजदूत और उनका परिवार बेहद अभिभूत और आनंदित नजर आया। उन्होंने गंगा घाट की स्वच्छता, प्रबंधन और सांध्य आरती की भव्यता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अनौपचारिक धार्मिक और सांस्कृतिक दौरे के दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति की प्राचीनता और पवित्र गंगा नदी के प्रति देशवासियों की अगाध श्रद्धा को बेहद करीब से महसूस किया। आरती संपन्न होने के बाद उन्होंने कुछ समय घाट पर व्यतीत किया और स्थानीय लोगों व पुरोहितों का अभिवादन स्वीकार किया। प्रशासनिक स्तर पर इस वीआईपी दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे।