सितारगंज/खटीमा: ऊधम सिंह नगर जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक विकास को गति देते हुए 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की मेलाघाट समवाय द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। वाइब्रेंट विलेज सिसैया (खटीमा उपखंड) में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत आयोजित 15 दिवसीय व्यावसायिक सिलाई प्रशिक्षण शिविर का कल शाम (4 जुलाई) को सफलतापूर्वक समापन हो गया। शिविर का समापन 57वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री गंगा सिंह उदावत द्वारा किया गया।
20 ग्रामीण महिलाओं को मिला स्वरोजगार का साधन, बांटे गए सर्टिफिकेट
यह विशेष प्रशिक्षण शिविर महिला जनजाति सेवा समिति, खटीमा (NGO) के सहयोग से सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं को हुनरमंद बनाने के लिए चलाया गया था।
- आत्मनिर्भरता की ओर कदम: प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली सभी 20 ग्रामीण महिलाओं को मुख्य अतिथि द्वारा एक-एक सिलाई टूल किट और प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
- मिलेगा रोजगार: इस किट और ट्रेनिंग की मदद से ये महिलाएं भविष्य में घर बैठे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

कमांडेंट की अपील: “सुरक्षा बलों के आंख और कान बनें ग्रामीण”
समापन समारोह को संबोधित करते हुए कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने महिलाओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें अपने हुनर का सही इस्तेमाल कर परिवार व समाज को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि एसएसबी सीमावर्ती इलाकों में देश विरोधी गतिविधियों, तस्करी और विशेषकर ड्रग्स तस्करी (मादक पदार्थों की तस्करी) को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सुरक्षा बलों के ‘आंख और कान’ बनें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि सीमा पर शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।
समारोह में ये रहे मौजूद
इस गरिमामयी समापन अवसर पर एसएसबी के उप कमांडेंट श्री अनिल कुमार यादव, सहायक कमांडेंट श्री दिनेश कुमार यादव, सिसैया की ग्राम प्रधान कुमारी शीतल पासवान और क्षेत्र पंचायत सदस्य श्री अर्जुन उपस्थित रहे। इसके अलावा एनजीओ की तरफ से श्रीमती गंगा राणा, श्री सुरेश सिंह मौर्य, मुख्य प्रशिक्षिका श्रीमती प्रीति राणा सहित एसएसबी के कई अधिकारी और जवान मौजूद रहे।